अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबनाः प्राप्त सूत्रों के अनुसार इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी भारत के दौरे के दूसरे दिन हैदराबाद से भारत की राजधानी दिल्ली पहुंच गए जहां वह भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय और अंतर-राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में सुन्नी मुसलमानों के साथ नमाज़ ए जुमा अदा की और नमाज़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि नमाज़े जुमा आपसी एकता प्रतीक है और अगर मुसलमान एक होते तो अमेरिकी राष्ट्रपति की हिम्मत नहीं थी कि वह बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करता और इस्राईल की हिम्मत न होती कि वह हर दिन फ़िलिस्तीनियों पर अत्याचार करता रहता।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने हैदराबाद में मौजूद ईरानियों से मुलाक़ात में ईरान और भारत के चिर परिचित संस्कृति की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान और हैदराबाद में ऐतिहासिक स्थान ईरान और भारत की संस्कृति के प्रतीक हैं
इस संस्कृति को बढ़ावा देने के सिलसिले में फारसी भाषा एक अहम रोल अदा कर सकती है।
17 फ़रवरी 2018 - 03:27
समाचार कोड: 882227
अगर मुसलमान एक होते तो अमेरिकी राष्ट्रपति की हिम्मत नहीं थी कि वह बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित करता और इस्राईल की हिम्मत न होती कि वह हर दिन फ़िलिस्तीनियों पर अत्याचार करता रहता......